2-Ayodhyakand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 9 / Shloka 13 Ayodhyakand

Kand 2-Ayodhyakand
Sarga 9
Shloka 13

Ayodhyakand

119 Sarga
66 Shloka
2/9/13
2-Ayodhyakand / Sarga 9 Shloka 13
Shloka
स शम्बर इति ख्यातः शतमायो महासुरः।
ददौ शक्रस्य संग्रामं देवसङ्घैरनिर्जितः॥ १३॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘केकयराजकुमारी! दक्षिण दिशामें दण्डकारण्यके भीतर वैजयन्त नामसे विख्यात एक नगर है, जहाँ शम्बर नामसे प्रसिद्ध एक महान् असुर रहता था। वह अपनी ध्वजामें तिमि (ह्वेल मछली) का चिह्न धारण करता था और सैकड़ों मायाओंका जानकार था। देवताओंके समूह भी उसे पराजित नहीं कर पाते थे। एक बार उसने इन्द्रके साथ युद्ध छेड़ दिया॥ १२-१३॥