2-Ayodhyakand / Sarga 75
Shloka 11
Shloka
इदम् ते राज्य कामस्य राज्यम् प्राप्तम् अकण्टकम् ।सम्प्राप्तम् बत कैकेय्या शीघ्रम् क्रूरेण कर्मणा ॥२-७५-११॥
