2-Ayodhyakand / Sarga 73
Shloka 12
Shloka
अपाप दर्शिनम् शूरम् कृत आत्मानम् यशस्विनम् ।प्रव्राज्य चीर वसनम् किम् नु पश्यसि कारणम् ॥२-७३-१२॥
Sarga 73 / Shloka 12 Ayodhyakand