2-Ayodhyakand / Sarga 67
Shloka 8
Shloka
इक्ष्वाकूणाम् इह अद्य एव कश्चित् राजा विधीयताम् ।अराजकम् हि नो राष्ट्रम् न विनाशम् अवाप्नुयात् ॥२-६७-८॥
