2-Ayodhyakand / Sarga 64
Shloka 55
Shloka
पुत्र व्यसनजम् दुह्खम् यद् एतन् मम साम्प्रतम् ।एवम् त्वम् पुत्र शोकेन राजन् कालम् करिष्यसि ॥२-६४-५५॥
Sarga 64 / Shloka 55 Ayodhyakand