2-Ayodhyakand / Sarga 64
Shloka 27
Shloka
नय नौ नृप तम् देशम् इति माम् च अभ्यभाषत ।अद्य तम् द्रष्टुम् इच्चावः पुत्रम् पश्चिम दर्शनम् ॥२-६४-२७॥
Sarga 64 / Shloka 27 Ayodhyakand
