2-Ayodhyakand / Sarga 57
Shloka 24
Shloka
स प्रविश्य अष्टमीम् कक्ष्याम् राजानम् दीनम् आतुलम् ।पुत्र शोक परिम्लानम् अपश्यत् पाण्डुरे गृहे ॥२-५७-२४॥
