2-Ayodhyakand / Sarga 54
Shloka 36
Shloka
प्रभातायाम् रजन्याम् तु भरद्वाजम् उपागमत् ।उवाच नर शार्दूलो मुनिम् ज्वलित तेजसम् ॥२-५४-३६॥
Sarga 54 / Shloka 36 Ayodhyakand