2-Ayodhyakand / Sarga 53
Shloka 21
Shloka
मा स्म सीमन्तिनी काचिज् जनयेत् पुत्रम् ईदृशम् ।सौमित्रे यो अहम् अम्बाया दद्मि शोकम् अनन्तकम् ॥२-५३-२१॥
