2-Ayodhyakand / Sarga 52
Shloka 66
Shloka
नेदानीम् गुह योग्योऽयम् वसो मे सजने वने ।अवश्यम् ह्याश्रमे वासह् कर्तव्यस्तद्गतो विधिः ॥२-५२-६६॥
Sarga 52 / Shloka 66 Ayodhyakand
