1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 9 / Shloka 20 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 9
Shloka 20

Balkand

77 Sarga
20 Shloka
1/9/20
1-Balkand / Sarga 9 Shloka 20
Shloka
अथ हृष्टो दशरथः सुमन्त्रं प्रत्यभाषत।
यथर्ष्यशृङ्गस्त्वानीतो येनोपायेन सोच्यताम् ॥१-९-२०॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

यह सुनकर राजा दशरथको बड़ी प्रसन्नता हुई। उन्होंने सुमन्त्रसे कहा—‘मुनिकुमार ऋष्यशृंगको वहाँ जिस प्रकार और जिस उपायसे बुलाया गया, वह स्पष्टरूपसे बताओ॥ २०॥

Footnote

इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें नवाँ सर्ग पूरा हुआ॥९॥