1-Balkand / Sarga 9
Shloka 19
Shloka
ऋश्यशृङ्गस्तु जामाता पुत्रांस्तव विधास्यति ।सनत्कुमारकथितमेतावद् व्याहृतं मया ॥१-९-१९॥
Sarga 9 / Shloka 19 Balkand