1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 9 / Shloka 10 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 9
Shloka 10

Balkand

77 Sarga
20 Shloka
1/9/10
1-Balkand / Sarga 9 Shloka 10
Shloka
ब्राह्मणाञ्छ्रुतसंवृद्धान् समानीय प्रवक्ष्यति व ।
भवन्तः श्रुतकर्माणो लोकचारित्रवेदिनः ॥१-९-१०॥

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1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

वर्षा बंद हो जानेसे राजा रोमपादको भी बहुत दु:ख होगा। वे शास्त्रज्ञानमें बढ़े-चढ़े ब्राह्मणोंको बुलाकर कहेंगे—‘विप्रवरो! आपलोग वेद-शास्त्रके अनुसार कर्म करनेवाले तथा लोगोंके आचार-विचारको जाननेवाले हैं; अत: कृपा करके मुझे ऐसा कोई नियम बताइये, जिससे मेरे पापका प्रायश्चित्त हो जाय’॥ ९-१०॥