1-Balkand / Sarga 8
Shloka 7
Shloka
तान् पूजयित्वा धर्मात्मा राजा दशरथस्तदा ।इदं धर्मार्थसहितं श्लक्ष्णं वचनमब्रवीत् ॥१-८-७॥
Sarga 8 / Shloka 7 Balkand