1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 8 / Shloka 4 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 8
Shloka 4

Balkand

77 Sarga
24 Shloka
1/8/4
1-Balkand / Sarga 8 Shloka 4
Shloka
ततोऽब्रवीन्महातेजाः सुमन्त्रं मन्त्रिसत्तम ।
शीघ्रमानय मे सर्वान् गुरूंस्तान् सपुरोहितान् ॥१-८-४॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

अपने समस्त शुद्ध बुद्धिवाले मन्त्रियोंके साथ परामर्शपूर्वक यज्ञ करनेका ही निश्चित विचार करके उन महातेजस्वी, बुद्धिमान् एवं धर्मात्मा राजाने सुमन्त्रसे कहा—‘मन्त्रिवर! तुम मेरे समस्त गुरुजनों एवं पुरोहितोंको यहाँ शीघ्र बुला ले आओ’॥ ३-४॥