1-Balkand / Sarga 77
Shloka 4
Shloka
रामस्य वचनं श्रुत्वा राजा दशरथः सुतम्।बाहुभ्यां सम्परिष्वज्य मूर्ध्न्युपाघ्राय राघवम् ॥४॥
Sarga 77 / Shloka 4 Balkand