1-Balkand / Sarga 76
Shloka 23
Shloka
रामं दाशरथिं रामो जामदग्न्यः प्रपूजितः।ततः प्रदक्षिणीकृत्य जगामात्मगतिं प्रभुः ॥२४॥
Sarga 76 / Shloka 23 Balkand