1-Balkand / Sarga 76
Shloka 13
Shloka
सोऽहं गुरुवचः कुर्वन् पृथिव्यां न वसे निशाम्।तदाप्रभृति काकुत्स्थ कृता मे काश्यपस्य ह ॥१४॥
Sarga 76 / Shloka 13 Balkand