1-Balkand / Sarga 76
Shloka 10
Shloka
जडीकृते तदा लोके रामे वरधनुर्धरे।निर्वीर्यो जामदग्न्योऽसौ रामो राममुदैक्षत ॥११॥
Sarga 76 / Shloka 10 Balkand