1-Balkand / Sarga 73
Shloka 8
Shloka
प्रभाते पुनरुत्थाय कृत्वा कर्माणि तत्त्ववित् ।ऋषींस्तदा पुरस्कृत्य यज्ञवाटमुपागमत् ॥८॥
Sarga 73 / Shloka 8 Balkand