1-Balkand / Sarga 72
Shloka 24
Shloka
वित्तमन्यच्च सुबहु द्विजेभ्यो रघुनन्दनः।ददौ गोदानमुद्दिश्य पुत्राणां पुत्रवत्सलः ॥२४॥
Sarga 72 / Shloka 24 Balkand