1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 72 / Shloka 23 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 72
Shloka 23

Balkand

77 Sarga
25 Shloka
1/72/23
1-Balkand / Sarga 72 Shloka 23
Shloka
सुवर्णशृङ्ग्यः सम्पन्नाः सवत्साः कांस्यदोहनाः।
गवां शतसहस्राणि चत्वारि पुरुषर्षभः ॥२३॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

उन सबके सींग सोनेसे मढ़े हुए थे। उन सबके साथ बछड़े और काँसेके दुग्धपात्र थे। इस प्रकार पुत्रवत्सल रघुकुलनन्दन पुरुषशिरोमणि राजा दशरथने चार लाख गौओंका दान किया तथा और भी बहुत-सा धन पुत्रोंके लिये गोदानके उद्देश्यसे ब्राह्मणोंको दिया॥ २३-२४॥