1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 71 / Shloka 23 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 71
Shloka 23

Balkand

77 Sarga
24 Shloka
1/71/23
1-Balkand / Sarga 71 Shloka 23
Shloka
रामलक्ष्मणयो राजन् गोदानं कारयस्व ह।
पितृकार्यं च भद्रं ते ततो वैवाहिकं कुरु ॥२३॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

(वसिष्ठजीसे ऐसा कहकर राजा जनकने महाराज दशरथसे कहा—) ‘राजन्! अब आप श्रीराम और लक्ष्मणके मंगलके लिये इनसे गोदान करवाइये, आपका कल्याण हो। नान्दीमुख श्राद्धका कार्य भी सम्पन्न कीजिये। इसके बाद विवाहका कार्य आरम्भ कीजियेगा॥ २३॥