1-Balkand / Sarga 71
Shloka 17
Shloka
स च मे प्रेषयामास शैवं धनुरनुत्तमम्।सीता च कन्या पद्माक्षी मह्यं वै दीयतामिति ॥१७॥
Sarga 71 / Shloka 17 Balkand