1-Balkand / Sarga 71
Shloka 16
Shloka
कस्यचित्त्वथ कालस्य सांकाश्यादागतः पुरात्।सुधन्वा वीर्यवान् राजा मिथिलामवरोधकः ॥१६॥
Sarga 71 / Shloka 16 Balkand