1-Balkand / Sarga 70
Shloka 11
Shloka
प्रेषयामासतुर्वीरौ मन्त्रिश्रेष्ठं सुदामनम्।गच्छ मन्त्रिपते शीघ्रमिक्ष्वाकुममितप्रभम् ॥११॥
Sarga 70 / Shloka 11 Balkand