1-Balkand / Sarga 7
Shloka 13
Shloka
ब्रह्मक्षत्रमहिंसन्तस्ते कोशं समपूरयन् ।सुतीक्ष्णदण्डाः सम्प्रेक्ष्य पुरुषस्य बलाबलम् ॥१-७-१३॥
Sarga 7 / Shloka 13 Balkand