1-Balkand / Sarga 68
Shloka 10
Shloka
अस्मै देया मया सीता वीर्यशुल्का महात्मने।प्रतिज्ञां तर्तुमिच्छामि तदनुज्ञातुमर्हसि ॥१०॥
Sarga 68 / Shloka 10 Balkand