1-Balkand / Sarga 67
Shloka 22
Shloka
मम सत्या प्रतिज्ञा सा वीर्यशुल्केति कौशिक।सीता प्राणैर्बहुमता देया रामाय मे सुता ॥२३॥
Sarga 67 / Shloka 22 Balkand