1-Balkand / Sarga 66
Shloka 21
Shloka
अरुन्धन् मिथिलां सर्वे वीर्यसंदेहमागताः।आत्मानमवधूतं मे विज्ञाय नृपपुंगवाः ॥२१॥
Sarga 66 / Shloka 21 Balkand