1-Balkand / Sarga 66
Shloka 16
Shloka
वरयामासुरागत्य राजानो मुनिपुंगव।तेषां वरयतां कन्यां सर्वेषां पृथिवीक्षिताम् ॥१६॥
Sarga 66 / Shloka 16 Balkand