1-Balkand / Sarga 66
Shloka 14
Shloka
क्षेत्रं शोधयता लब्धा नाम्ना सीतेति विश्रुता।भूतलादुत्थिता सा तु व्यवर्धत ममात्मजा ॥१४॥
Sarga 66 / Shloka 14 Balkand