1-Balkand / Sarga 65
Shloka 28
Shloka
कृतकामो महीं सर्वां चचार तपसि स्थितः।एवं त्वनेन ब्राह्मण्यं प्राप्तं राम महात्मना ॥ २८॥
Sarga 65 / Shloka 28 Balkand