1-Balkand / Sarga 65
Shloka 24
Shloka
ब्रह्मपुत्रो वसिष्ठो मामेवं वदतु देवताः।यद्येवं परमः कामः कृतो यान्तु सुरर्षभाः ॥२४॥
Sarga 65 / Shloka 24 Balkand