1-Balkand / Sarga 63
Shloka 21
Shloka
यदि मे भगवन्नाह ततोऽहं विजितेन्द्रियः।तमुवाच ततो ब्रह्मा न तावत् त्वं जितेन्द्रियः ॥२१॥
Sarga 63 / Shloka 21 Balkand