1-Balkand / Sarga 62
Shloka 24
Shloka
सदस्यानुमते राजा पवित्रकृतलक्षणम्।पशुं रक्ताम्बरं कृत्वा यूपे तं समबन्धयत् ॥२४॥
Sarga 62 / Shloka 24 Balkand