1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 62 / Shloka 19 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 62
Shloka 19

Balkand

77 Sarga
28 Shloka
1/62/19
1-Balkand / Sarga 62 Shloka 19
Shloka
पवित्रपाशैराबद्धो रक्तमाल्यानुलेपनः।
वैष्णवं यूपमासाद्य वाग्भिरग्निमुदाहर ॥१९॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘मुनिकुमार! अम्बरीषके इस यज्ञमें जब तुम्हें कुश आदिके पवित्र पाशोंसे बाँधकर लाल फूलोंकी माला और लाल चन्दन धारण करा दिया जाय, उस समय तुम विष्णुदेवता-सम्बन्धी यूपके पास जाकर वाणीद्वारा अग्निकी (इन्द्र और विष्णुकी) स्तुति करना और इन दो दिव्य गाथाओंका गान करना। इससे तुम मनोवांछित सिद्धि प्राप्त कर लोगे’॥ १९-२०॥