1-Balkand / Sarga 62
Shloka 15
Shloka
तेषां तद् वचनं श्रुत्वा पुत्राणां मुनिपुंगवः।क्रोधसंरक्तनयनो व्याहर्तुमुपचक्रमे ॥१५॥
Sarga 62 / Shloka 15 Balkand