1-Balkand / Sarga 62
Shloka 12
Shloka
नाथवांश्च शुनःशेपो यज्ञश्चाविघ्नतो भवेत्।देवतास्तर्पिताश्च स्युर्मम चापि कृतं वचः ॥१२॥
Sarga 62 / Shloka 12 Balkand