1-Balkand / Sarga 61
Shloka 7
Shloka
पशुरभ्याहृतो राजन् प्रणष्टस्तव दुर्नयात्।अरक्षितारं राजानं घ्नन्ति दोषा नरेश्वर ॥७॥
Sarga 61 / Shloka 7 Balkand