1-Balkand / Sarga 61
Shloka 6
Shloka
तस्य वै यजमानस्य पशुमिन्द्रो जहार ह।प्रणष्टे तु पशौ विप्रो राजानमिदमब्रवीत् ॥६॥
Sarga 61 / Shloka 6 Balkand