1-Balkand / Sarga 61
Shloka 22
Shloka
अथ राजा महाबाहो वाक्यान्ते ब्रह्मवादिनः।हिरण्यस्य सुवर्णस्य कोटिभी रत्नराशिभिः ॥२२॥
Sarga 61 / Shloka 22 Balkand