1-Balkand / Sarga 60
Shloka 2
Shloka
अयमिक्ष्वाकुदायादस्त्रिशङ्कुरिति विश्रुतः।धर्मिष्ठश्च वदान्यश्च मां चैव शरणं गतः ॥२॥
Sarga 60 / Shloka 2 Balkand