1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 59 / Shloka 9 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 59
Shloka 9

Balkand

77 Sarga
22 Shloka
1/59/9
1-Balkand / Sarga 59 Shloka 9
Shloka
तत् सर्वमखिलेनोक्तं ममाख्येयमनादृतम्।
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा दिशो जग्मुस्तदाज्ञया ॥९॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

उनकी आज्ञा मानकर सभी शिष्य चारों दिशाओंमें चले गये। फिर तो सब देशोंसे ब्रह्मवादी मुनि आने लगे। विश्वामित्रके वे शिष्य उन प्रज्वलित तेजवाले महर्षिके पास सबसे पहले लौट आये और समस्त ब्रह्मवादियोंने जो बातें कही थीं, उन्हें सबने विश्वामित्रजीसे कह सुनाया॥