1-Balkand / Sarga 56
Shloka 2
Shloka
ब्रह्मदण्डं समुद्यम्य कालदण्डमिवापरम्।वसिष्ठो भगवान् क्रोधादिदं वचनमब्रवीत् ॥२॥
Sarga 56 / Shloka 2 Balkand