1-Balkand / Sarga 54
Shloka 8
Shloka
भगवन् किं परित्यक्ता त्वयाहं ब्रह्मणः सुत।यस्माद् राजभटा मां हि नयन्ते त्वत्सकाशतः ॥८॥
Sarga 54 / Shloka 8 Balkand