1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 53 / Shloka 9 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 53
Shloka 9

Balkand

77 Sarga
25 Shloka
1/53/9
1-Balkand / Sarga 53 Shloka 9
Shloka
गवां शतसहस्रेण दीयतां शबला मम।
रत्नं हि भगवन्नेतद् रत्नहारी च पार्थिवः ॥९॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘भगवन्! आप मुझसे एक लाख गौएँ लेकर यह चितकबरी गाय मुझे दे दीजिये; क्योंकि यह गौ रत्नरूप है और रत्न लेनेका अधिकारी राजा होता है। ब्रह्मन्! मेरे इस कथनपर ध्यान देकर मुझे यह शबला गौ दे दीजिये; क्योंकि यह धर्मत: मेरी ही वस्तु है’॥ ९॥