1-Balkand / Sarga 52
Shloka 8
Shloka
कच्चित्ते सम्भृता भृत्याः कच्चित् तिष्ठन्ति शासने।कच्चित्ते विजिताः सर्वे रिपवो रिपुसूदन ॥८॥
Sarga 52 / Shloka 8 Balkand