1-Balkand / Sarga 52
Shloka 12
Shloka
ततो वसिष्ठो भगवान् कथान्ते रघुनन्दन।विश्वामित्रमिदं वाक्यमुवाच प्रहसन्निव ॥१२॥
Sarga 52 / Shloka 12 Balkand