1-Balkand / Sarga 51
Shloka 5
Shloka
अपि रामे महातेजा मम माता यशस्विनी।वन्यैरुपाहरत् पूजां पूजार्हे सर्वदेहिनाम् ॥५॥
Sarga 51 / Shloka 5 Balkand